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हेपेटाइटिस (Hepatitis)
हेपेटाइटिस कà¥à¤¯à¤¾ है?हेपेटाइटिस के कितने पà¥à¤°à¤•ार हैं ?हेपेटाइटिस के कारण कà¥à¤¯à¤¾ हैं?हेपेटाइटिस के लकà¥à¤·à¤£ कà¥à¤¯à¤¾ हैं ?हेपेटाइटिस का निदान कà¥à¤¯à¤¾ है?हेपेटाइटिस का उपचार कà¥à¤¯à¤¾ है?हेपेटाइटिस में डायट कैसी होनी चाहिà¤?हेपेटाइटिस से बचाव कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
हेपेटाइटिस (Hepatitis) लिवर से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ बीमारी है, जो वायरल इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ के कारण होती है। इस बीमारी में लीवर में सूजन आ जाती है। हेपाटाइटिस में 5 पà¥à¤°à¤•ार के वायरस होते हैं, जैसे- à¤,बी,सी,डी और ई।
हेपेटाइटिस कà¥à¤¯à¤¾ है?
हेपेटाइटिस (Hepatitis) मूल रूप से लीवर से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ बीमारी है, जो वायरल इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ के कारण होती है। इस बीमारी में लीवर में सूजन आ जाती है। हेपाटाइटिस में 5 पà¥à¤°à¤•ार के वायरस होते हैं, जैसे- à¤,बी,सी,डी और ई। इन पांचों वायरसेस को गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ से लेना चाहिà¤, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इनके कारण ही हेपेटाइटिस महामारी जैसी बनती जा रही है और हर साल इसकी वजह से होने वाली मौतों का आंकड़ा à¤à¥€ बढ़ता जा रहा है। हेपेटाइटिस का टाइप बी और सी लाखों लोगों में कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• बीमारी का कारण बन रहे हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इनके कारण लीवर सिरोसिस और कैंसर होते हैं। हेपेटाइटिस के बारे जागरूकता पैदा करने और जनà¥à¤® के बाद बचà¥à¤šà¥‡ को वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ देकर उसे हेपेटाइटिस से बचाया जा सकता है।
हेपेटाइटिस के कितने पà¥à¤°à¤•ार हैं ?
हेपाटाइटिस वायरल इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ के कारण होता है जो वायरस के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° 5 पà¥à¤°à¤•ारों में विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ किया गया है। ये 5 पà¥à¤°à¤•ार दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° के लोगों के लिठचिंता का कारण बन गठहै।
हेपेटाइटिस à¤â€“ WHO के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° हर साल 1.4 मिलयन लोग इस बीमारी से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हो रहे हैं। ये दूषित à¤à¥‹à¤œà¤¨ और दूषित पानी के सेवन करन से होता है ।
हेपेटाइटिस बी- इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‡à¤¡ बà¥à¤²à¤¡ के टà¥à¤°à¤¾à¤‚सफà¥à¤¯à¥‚शन और सिमेन और दूसरे फà¥à¤²à¥‚इड के इकà¥à¤¸à¤ªà¥‹à¤¶à¤° के कारण यह संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ होता है।
हेपेटाइटिस सी- यह हेपेटाइटिस सी वायरस (HCV) के कारण होता है। `यह बà¥à¤²à¤¡ और इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‡à¤¡ इनà¥à¤œà¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² से होता है।
हेपेटाइटिस डी- यह हेपेटाइटिस डी वायरस (HDV) के कारण होता है। जो लोग पहले से à¤à¤šà¤¬à¥€à¤µà¥€ वायरस के इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‡à¤¡ होते हैं वे ही इस वायरस से संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ होते हैं। à¤à¤šà¤¡à¥€à¤µà¥€ और à¤à¤šà¤¬à¥€à¤µà¥€ दोनों के à¤à¤• साथ होने के कारण सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ और à¤à¥€ बदतर हो जाती है।
हेपेटाइटिस ई- हेपेटाइटिस ई वायरस (HEV) के कारण यह होता है। दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° देशों में हेपेटाइटिस के संकà¥à¤°à¤®à¤£ का यही कारण है। यह विषाकà¥à¤¤ पानी और खाना के कारण जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है।
इसके अलावा हेपेटाइटिस को गमà¥à¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ के आधार पर à¤à¥€ पहचाना जाता है-
à¤à¤•à¥à¤¯à¥‚ट हेपेटाइटिस- अचानक लीवर में सूजन होता है जिसका लकà¥à¤·à¤£ छह महीने तक रहता है और रोगी धीरे-धीरे ठीक होने लगता है। à¤à¤šà¤à¤µà¥€ इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ के कारण आम तौर पर à¤à¤•à¥à¤¯à¥‚ट हेपैटाइटिस होता है।
कà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• हेपेटाइटिस- कà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• à¤à¤šà¤¸à¥€à¤µà¥€ इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ से 13-150 मिलयन लोग दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होते हैं। लीवर कैंसर और लीवर के बीमारी के कारण जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लोग मरते हैं। à¤à¤šà¤‡à¤µà¥€ इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ कà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• रोगी का इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤® à¤à¥€ बूरी तरह से इफेकà¥à¤Ÿ होता है।
हेपेटाइटिस के कारण कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
लीवर में सूजन होने के कारण हेपेटाइटिस रोग होता है। इस वायरल इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ के कारण जान को खतरा à¤à¥€ हो सकता है मतलब हेपेटाइटिस à¤à¤• जानलेवा इंफेकà¥à¤¶à¤¨ है। इसके कई कारण हो सकते हैं:
वायरल इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨: खासकर, हेपेटाइटिस à¤, हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस सी वायरल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ के कारण होता है।
ऑटोइमà¥à¤¯à¥‚न सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚: अकà¥à¤¸à¤°, शरीर के इमà¥à¤¯à¥‚न सेल से यह पता चलता है कि लीवर की सेलà¥à¤¸ को डैमेज पहà¥à¤‚च रहा है।
शराब पीना: अलà¥à¤•ोहल हमारे लीवर दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ डायरेकà¥à¤Ÿà¤²à¥€ मेटाबोलाइज़à¥à¤¡ होता है, जिसके कारण यह शरीर के दूसरे à¤à¤¾à¤—ों में à¤à¥€ इसका सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ होने लगता है। इसलिà¤, जब कोई बहà¥à¤¤ अधिक शराब या अलà¥à¤•ोहल का सेवन करता है, तो उस वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के लिठहेपेटाइटिस का खतरा बढ़ जाता है।
दवाइयों का साइड-इफेकà¥à¤Ÿà¥à¤¸: यह à¤à¥€ à¤à¤• कारण है हेपेटाइटिस का। कà¥à¤› विशेष दवाइयों के ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सेवन से लीवर सेलà¥à¤¸ में सूजन होने लगती है और हेपेटाइटिस का रिसà¥à¤• बढ़ जाता है।
हेपेटाइटिस के लकà¥à¤·à¤£ कà¥à¤¯à¤¾ हैं ?
अकà¥à¤¯à¥‚ट हेपेटाइटिस की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में बहà¥à¤¤ सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ लकà¥à¤·à¤£ नहीं दिखायी पड़ते हैं। लेकिन, इंफेकà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤¸ और कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• हेपेटाइटिस में ये समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ काफी सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ तरीके से लकà¥à¤·à¤£ के तौर पर दिखायी पड़ती हैं:
जॉनà¥à¤¡à¤¿à¤¸ या पीलिया
यूरीन का रंग बदलना
बहà¥à¤¤ अधिक थकान
उलà¥à¤Ÿà¥€ या जी मिचलाना
पेट दरà¥à¤¦ और सूजन
खà¥à¤œà¤²à¥€
à¤à¥‚ख ना लगना या कम लगना
अचानक से वज़न कम हो जाना
हेपेटाइटिस का निदान कà¥à¤¯à¤¾ है?
लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखते हà¥à¤ और सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ की गमà¥à¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ के आधार पर डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ हेपेटाइटिस का निदान करते हैं। लीवर में सूजन, तà¥à¤µà¤šà¤¾ की रंगत पीली होना, पेट में में फà¥à¤²à¥‚इड होना आदि को देखकर फिज़िकल à¤à¤•à¥à¤œà¤¼à¤¾à¤®à¤¿à¤¨à¥‡à¤¶à¤¨ करने को कहते हैं। इसके लिठइन टेसà¥à¤Ÿ को करने की सलाह दी जाती है-
पेट का अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤¨à¥à¤¡
लीवर फंकà¥à¤¶à¤¨ टेसà¥à¤Ÿ
ऑटोइमà¥à¤¯à¥‚न बà¥à¤²à¤¡ मारà¥à¤•र टेसà¥à¤Ÿ
लिवर बायोपसी
हेपेटाइटिस का उपचार कà¥à¤¯à¤¾ है?
अकà¥à¤¯à¥‚ट हेपेटाइटिस कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‡ में कम होने लगते हैं और मरीज़ को आराम मिलने लगता है। जबकि, कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• हेपेटाइटिस के लिठदवाई लेने की ज़रूरत होती है। लीवर खराब हो जाने पर लीवर टà¥à¤°à¤¾à¤‚सपà¥à¤²à¥ˆà¤¨à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¨ à¤à¥€ à¤à¤• विकलà¥à¤ª है।
हेपेटाइटिस में डायट कैसी होनी चाहि�
हेलà¥à¤¦à¥€ डायट की मदद से हेपेटाइटिस की समसà¥à¤¯à¤¾ को मैनेज करना आसान हो जाता है। हालांकि, सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ की गमà¥à¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ और लीवर की सूजन के आधार पर डायट निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ की जाती है। साथ ही डायट से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ इन बातों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखने से à¤à¥€ मदद होती है। :
अपनी डायट में फूलगोà¤à¥€, बà¥à¤°à¥‹à¤•ोली, बीनà¥à¤¸, सेब, à¤à¤µà¤¾à¤•ाडो का समावेश करें।
पà¥à¤¯à¤¾à¤œà¤¼ और लहसà¥à¤¨ जैसे पारमà¥à¤ªà¤°à¤¿à¤• मसालों को अपने à¤à¥‹à¤œà¤¨ में शामिलकरें।
खूब पानी पीà¤à¤‚, ताज़े फलों का जूस पीà¤à¤‚।
अलà¥à¤•ोहल का सेवन कम करें, गेंहू का सेवन कम करें।
जंक फूड, मैदे से बने फूडà¥à¤¸, पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸à¥à¤¡ फूड और मीठी चीज़ों के सेवन से बचें।
à¤à¥‹à¤œà¤¨ को चबा-चबाकर खाà¤à¤‚। इससे, à¤à¥‹à¤œà¤¨ पचने में आसानी होगी।
à¤à¤• साथ à¤à¤¾à¤°à¥€ à¤à¥‹à¤œà¤¨ करने की बजाय कम मातà¥à¤°à¤¾ में 4-6 बार à¤à¥‹à¤œà¤¨ करें।
हेपेटाइटिस से बचाव कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
हेपेटाइटिस बी और सी की रोकथाम वायरस के संकà¥à¤°à¤®à¤£ को फैलने से रोकने के पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤² करने से हो सकता है। इसके अलावा बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को हेपेटाइटिस से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रखने के लिठलिठवैकà¥à¤¸à¥€à¤¨à¥à¤¸ दी जा सकती हैं। सेंटर फॉर डिज़ीज़ कंटà¥à¤°à¥‹à¤² à¤à¤‚ड पà¥à¤°à¤¿à¤µà¥‡à¤¨à¥à¤¶à¤¨ 18 साल के उमà¥à¤° तक और उससे वयसà¥à¤• लोगों को 6-12 महीने में 3 डोज़ दी जानी चाहिà¤à¥¤ इस तरह उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ ,हेपेटाइटिस से पूरà¥à¤£ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ मिलेगी। साथ ही इन बातों का खà¥à¤¯à¤¾à¤² रखें-
अपना रेजर, टूथबà¥à¤°à¤¶ और सूई को किसी से शेयर न करें, इससे इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ का खतरा कà¥à¤› हद तक कम किया जा सकता है।
टैटू करवाते समय सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ उपकरणों का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें ।
कान में छेद करते वकà¥à¤¤ इस बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि उपकरण सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ और इंफेकà¥à¤¶à¤¨-फà¥à¤°à¥€ हैं।
सेफ सेकà¥à¤¸
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